इंडिया न्यूज, नई दिल्ली (India’s notice to Pakistan): भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुई सिंधु जल संधि को लेकर भारत ने पाक को नोटिस जारी किया है। भारत ने इसमें संशोधन की मांग की है। भारत सरकार का कहना है कि पाकिस्तान की गलत कार्रवाइयों ने सिंधु जल संधि के प्रावधानों व उसके कार्यान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है और भारत को पड़ोसी मुल्कल सिंधु जल संधि के संशोधन के लिए नोटिस जारी करने के लिए मजबूर किया है।
भारत सरकार ने नोटिस में कहा कि पारस्परिक तौर पर एक मध्यस्थ रास्ता खोजने के लिए भारत द्वारा बार-बार प्रयास करने के बावजूद, पाकिस्तान ने 2017 से 2022 तक स्थायी सिंधु आयोग की पांच बैठकों के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा से इनकार किया है। सरकार ने यह भी कहा कि इन कारणों से अब पाकिस्तान को नोटिस जारी किया गया है।
2015 में शुरू हुआ था असली विवाद
सिंधु जल समझौते को लेकर असली विवाद तब शुरू हुआ जब 2015 में पाकिस्तान ने जब भारत की किशनगंगा और रातले जलविद्युत परियोजनाओं (एचईपी) पर अपनी आपत्तियों की जांच के लिए एक तटस्थ विशेषज्ञ की नियुक्ति का अनुरोध किया, इसके बाद 2016 में, पाकिस्तान ने एकतरफा इस अनुरोध को वापस ले लिया और प्रस्तावित किया कि एक मध्यस्थता अदालत उसकी आपत्तियों पर फैसला सुनाए। हालांकि, पाकिस्तान की यह एकतरफा कार्रवाई आईडब्ल्यूटी के अनुच्छेद द्वारा परिकल्पित विवाद समाधान के श्रेणीबद्ध तंत्र का उल्लंघन है।