Friday, October 7, 2022
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Haryana News: जम्मू-कश्मीर के राजौरी में हरियाणा का जवान शहीद

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इंडिया न्यूज, Haryana News: जम्मू-कश्मीर के राजौरी में आर्मी कैंप पर हुए आंतकी हमले में हरियाणा के हिसार में हांसी के 21 वर्षीय निशांत मलिक शहीद हो गया। निशांत तीन बहनों का इकलौता भाई दो वर्ष पहले ही सेना में भर्ती हुआ था। बता दें कि निशांत ने बुधवार को अपनी बहनों के साथ वीडियो कॉल कर बात की थी। बहनों ने उन्हें वीरवार के दिन रक्षाबंधन पर राखाी बांध लेने को कहा था। लेकिन सुबह आर्मी हेडक्वार्टर से निशांत के परिजनों को उनके शहीद होने की सूचना मिली।

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शहीद के पिता जयवीर सिंह ने बताया कि निशांत 11 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे। राजौरी के आर्मी कैंप में उनकी ड्यूटी थी। जब आर्मी को पास वाले गांव में आंतकवादियों के छिपे होने की सूचना मिली तो आर्मी के जवान वहां पहुंचे और आतंकवादियों ने जवानों पर हमला कर दिया।

बता दें कि इस हमले में दो आतंकी ढेर हो गए। जबकि आतंकवादी हमले में सेना के चार जवान भी शहीद हो गए, जिनमें एक निशांत मलिक भी शामिल थे। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचेगा। बता दें कि निशांन ने के पिता जयवीर मलिक सेना में रिटयर्ड हवलदार है और वे कारगिल युद्ध भी लड़ चुके हैं।

निशांत ने बुधवार को घर की थी वीडियो कॉल

शहीद के पिता ने बताया कि निशांत दो साल पहले ही सेना में भर्ती हुआ था। निशांत 18 जुलाई को 45 दिनों की छुट्टीया काट कर आर्मी कैंप वापिस गए थे। उन्होंने बताया कि निशांत ने अभी बीए फाइनल इयर की परीक्षा दी। बुधवार शाम को निशांत ने वीडियो कॉल की थी। वीरवार की सुबह निशांत की बहन ने उनको फोन किया, लेकिन उसने किसी कार्य में व्यथ होने के कारण फोन रिसीव नहीं किया।

निशंत के पिता ने भावुक होकर बताया कि जब उन्हे पता सूचना मिली की उनका बेटा शहीद हो गया है। जयवीर मलिक ने बताया कि कारगिल युद्ध में गोली लगने पर उसे भी सेना ने सम्मानित किया। बेटे की भी इच्छा यहीं थी कि उसे भी सेना में सम्मान मिलें।

मुझे गर्व है मेरा बेटा देश के लिए शहीद हुआ: पिता

शहीद के पिता ने बताया कि उसकी तीन बेटियां है और एक बेटा था। उन्होंने बड़ी दो बेटियां की शादी कर दी है। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मेरा बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। निशांत के शहीद होने की खबर मिलते ही परिजनों में रक्षाबंधन के दिन मातम छा गया।

शहीद निशांत के पिता 18 साल के बाद सेना से रिटायर हुए थे। उन्हें कारगिल युद्ध के दाहिने बाजू पर गोली लगी थी। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में आर्मी कैंप में एक समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें युद्ध के दौरान वे जख्मी हुए जवानों को सम्मानित किया गया था। वह इस कार्यक्रम में सम्मानित होकर लौटे तो उन्हे यह सूचना मिली। जयवीर ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हुआ।

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