Friday, October 7, 2022
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20 से मानसून सत्र, इन मुद्दों पर हंगामे के आसार…

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चंडीगढ़/

हरियाणा विधानसभा  मे 20 अगस्त से मानसून सत्र शुरू होने जा रहा है। मानसून सत्र मे इस बार भी हंगामे रहने के पूरे आसार नजर आ रहे है। जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पहले ही विपक्ष के निशाने पर है और किसानों के मामलों को लेकर अक्सर सरकार से टकराते रहने वाले महम के निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू एक बार फिर से विधानसभा में न केवल किसानों बल्कि बेरोजगारी की मार झेलने को मजबूर प्रदेश के लाखों युवाओं की आवाज बुलंद करते हुए सरकार से जवाब तलबी करते दिखाई देंगे।
दरअसल, महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू ने मानसून सत्र के लिए 3 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव (कॉलिंग अटेंशन मोशन) सब्मिट किये है। जो सीधे-सीधे बदहाली में जीने को मजबूर किसानों और लाखों बेरोजगार युवाओं तथा ठेकेदारी प्रथा में उलझे पड़े नौजवानों की पीड़ा से सरोकार रखने वाले हैं। कुंडू की तरफ से एच.एस.एस.सी. के सिस्टम फेलियर की बदौलत बार-बार लीक हो रहे पेपर और इसमें राज्य सरकार की कार्यशैली पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के अतिरिक्त सरकार द्वारा हाल ही में घोषित हरियाणा कौशल रोजगार निगम के गठन के औचित्य एवं स्थाई नौकरियों की बजाय सरकार के  ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दिए जाने को लेकर भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव दिया गया है। इसके आलावा प्रदेश में प्रत्येक वर्ष बरसात के चलते खेतों में जलभराव से किसानों को होने वाले भारी नुकसान और उनको सरकार ने स्पेशल गिरदावरी करवाकर मुआवजा नहीं दिए जाने तथा बीमा कम्पनियों की मनमानी के मुद्दे पर भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव देकर विस्तृत चर्चा की मांग करते हुए सरकार से सवाल-जवाब किये जायेंगे।

 

बलराज कुंडू कहते हैं कि एक तरफ तो सरकार 2024 तक सभी युवाओं को रोजगार देने के झूठे दावे कर हसीन सपने दिखा रही है और दूसरी ओर स्थाई नौकरियों की बजाय खुद ही हरियाणा कौशल रोजगार निगम के नाम से प्राइवेट लिमिटेड ठेकेदार बनने जा रही है। सरकार विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े हजारों पदों पर स्थाई भर्तियां क्यों नहीं करती ? पेपर लीक में वर्ल्ड रिकार्ड बनाने पर तुली गठबन्धन सरकार अपनी लोकप्रियता ही नहीं बल्कि आम जनमानस का भरोसा भी पूरी तरह खो चुकी है। सिपाही भर्ती के एग्जाम में पशुपालन से जुड़े सवाल पूछकर एच.एस.एस.सी. ने पूरे देश में हरियाणा का मजाक बनवाकर रख दिया है। एक के बाद एक पेपर लीक होते चले जा रहे हैं और सरकार कुम्भकर्ण की नींद से जागने को तैयार नहीं ? इसका मतलब सरकारी संरक्षण में ही यह सारे कर्मकाण्ड हो रहे हैं और इसीलिए सीबीआई जैसी एजेन्सी से इनकी निष्पक्ष जाँच करवाने की बजाय सरकार जाँच के नाम पर हर बार सिर्फ खानापूर्ति करती आ रही है।

खेती-किसानी से लेकर बेरोजगारी और खिलाड़ियों से भेदभाव पर भी होंगे सरकार से सवाल-जवाब

उपरोक्त 3 ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के आलावा भी विधायक बलराज कुंडू की तरफ से सरकार से जवाब तलबी के लिए कई महत्वपूर्ण सवाल लगाए गए हैं। सवाल  है कि करीब 9 महीने से दिल्ली बॉर्डर पर बैठे आंदोलन चला रहे किसानों की मांगों को लेकर प्रदेश की सरकार द्वारा केंद्र से बातचीत कर मामले का समाधान करवाने के क्या प्रयास किये गए हैं ? ठेकेदारी प्रथा के चलते युवाओं और खासकर महिलाओं का शोषण होता है और उसे रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है ? रोहतक, झज्जर, सोनीपत, जींद, भिवानी, चरखी-दादरी समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों में समय से ड्रेनों एवं नहरों की सफाई नहीं करवाने से बरसात के बाद जलभराव से किसानों की फसलें खराब होने एवं उनकी स्पेशल गिरदावरी नहीं करवाने तथा किसानों को मुआवजा नहीं देने के बारे में भी उन्होंने सवाल लगाए हैं।

 

बीमा कम्पनियों से  फसल बीमा के नाम पर किसानों के साथ किये जा रहे धोखे तथा कम्पनियों से  किसानों को फसल बर्बादी पर बीमित राशि के भुगतान नहीं किये जाने पर भी उन्होंने सवाल किया है। इसके आलावा स्थाई सरकारी नौकरियां देने की बजाय सभी सरकारी विभागों में कॉन्ट्रेक्ट पर भर्ती करते हुए युवाओं को ठेकेदारी प्रथा में उलझाकर उनके भविष्य के साथ किये जा रहे खिलवाड़ पर भी सवाल लगाया गया है। प्रदेश में सुविधाओं के अभाव और सरकारी अनदेखी से हो रही खिलाडियों की दुर्दशा तथा खिलाडियों के साथ सरकारी नौकरी के धोखे समेत उनकी प्रमोशन बंद करने समेत खेल निति की अनेक खामियों को लेकर भी सवाल किये गए हैं। ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा महम में सरकारी अस्पताल की बदहाली व बार-बार डिमांड के बावजूद लड़कियों का अलग कालेज नहीं बनाये जाने पर भी विधायक बलराज कुंडू सरकार से सवाल पूछ रहे हैं। उपरोक्त के अलावा महम क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की समस्या के संदर्भ में भी उन्होंने मानसून सत्र के लिए सवाल लगाये हैं।

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